Ravichandran Ashwin और Sanjay Manjrekar की पुरानी कहानी

पूर्व भारतीय ऑफ-स्पिनर Ravichandran Ashwin ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दौर की एक दिलचस्प घटना का खुलासा किया है। Ashwin ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे के बाद Sanjay Manjrekar की आलोचना से वह काफी आहत और नाराज हुए थे। यह बात इतनी असरदार थी कि एक समय उन्होंने Manjrekar से बातचीत करना भी लगभग बंद कर दिया था।

Ashwin ने यह कहानी JioHotstar के ‘Cheeky Singles’ कार्यक्रम में साझा की। उनके मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद Manjrekar ने एक लंबा लेख लिखा था, जिसमें Ashwin की फिटनेस को लेकर सवाल उठाए गए थे और यह संकेत दिया गया था कि इसका असर उनकी गेंदबाजी और फील्डिंग पर पड़ रहा था।

आलोचना सुनकर Ashwin को आया गुस्सा

Ashwin ने बताया कि उन्होंने Manjrekar का लेख पूरा पढ़ा था। उस समय उन्हें काफी बुरा लगा और गुस्सा भी आया। उन्होंने Manjrekar को एक संदेश भी भेजा था, लेकिन इसके बाद दोनों के बीच बातचीत ज्यादा नहीं हुई।

हालांकि, कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि Ashwin ने उस आलोचना को अपने खिलाफ हमेशा के लिए नहीं रखा। समय के साथ उन्होंने इसे खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा में बदल दिया।

यानी जिस आलोचना ने शुरुआत में उन्हें परेशान किया, वही आगे चलकर उनके करियर में बदलाव का एक कारण बनी।

फिटनेस पर उठे सवाल ने बदल दी सोच

एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण होती है। Ashwin ने इस आलोचना को व्यक्तिगत विवाद बनाने के बजाय अपनी कमियों पर काम करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया।

उनका करियर आगे बढ़ा और वह भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उनकी गेंदबाजी में लगातार बदलाव देखने को मिला और उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को साबित किया।

Ashwin की खासियत सिर्फ ऑफ-स्पिन नहीं रही। उन्होंने अपनी गेंदबाजी में कई variations विकसित किए और बल्लेबाजों को अलग-अलग तरीकों से परेशान किया।

Ashwin के करियर की बड़ी उपलब्धियां

Ashwin का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 116 टेस्ट मैचों में 537 विकेट लिए और 3,503 रन भी बनाए। उनके नाम 37 टेस्ट पांच-विकेट हॉल और 6 टेस्ट शतक भी हैं। 

वह 2011 World Cup और 2013 Champions Trophy जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे। 2024 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया।

इन उपलब्धियों को देखते हुए यह साफ है कि शुरुआती दौर की आलोचना उनके करियर का अंत नहीं बनी, बल्कि उन्होंने उससे सीख लेकर खुद को और मजबूत किया।

बाद में Manjrekar को दिया क्रेडिट

इस कहानी का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि Ashwin ने बाद में Manjrekar की आलोचना को एक अलग नजरिए से देखा। उन्होंने माना कि उस समय की बातें भले ही उन्हें पसंद नहीं आई थीं, लेकिन उन्होंने उन्हें अपने खेल और फिटनेस पर काम करने के लिए प्रेरित किया।

यही वजह है कि यह कहानी सिर्फ दो क्रिकेटरों के बीच मतभेद की नहीं है। यह बताती है कि किसी खिलाड़ी के करियर में आलोचना किस तरह सुधार का कारण बन सकती है।

FAQs

Ashwin और Sanjay Manjrekar के बीच विवाद क्यों हुआ था?

Ashwin के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद Manjrekar ने उनकी फिटनेस और उसके खेल पर असर को लेकर आलोचना की थी।

क्या Ashwin ने Manjrekar से बात करना बंद कर दिया था?

Ashwin ने बताया कि वह उस घटना के बाद काफी समय तक Manjrekar से ज्यादा बात नहीं करते थे।

Ashwin ने कितने टेस्ट विकेट लिए?

Ashwin ने 106 टेस्ट में 537 विकेट लिए। 

Final Verdict

Ravichandran Ashwin और Sanjay Manjrekar की यह कहानी क्रिकेट में आलोचना और सुधार के बीच के रिश्ते को दिखाती है। शुरुआत में Manjrekar की बातों से Ashwin को गुस्सा और दुख हुआ, लेकिन उन्होंने उसी आलोचना को अपनी कमजोरी दूर करने की प्रेरणा बना लिया।

आज Ashwin का शानदार करियर इस बात का उदाहरण है कि आलोचना से परेशान होने के बजाय उससे सीखना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। यही इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सबक है।