🇬🇧 English
🇮🇳 हिंदी
🇧🇩 বাংলা
🇮🇳 मराठी
🇮🇳 தமிழ்
🇮🇳 తెలుగు
🇮🇳 ગુજરાતી
🇮🇳 ಕನ್ನಡ
🇮🇳 മലയാളം
🇮🇳 ਪੰਜਾਬੀ
🇵🇰 اردو
← Back

DRS Rule

1. DRS (Decision Review System) क्या होता है?

मैच के दौरान अंपायर के फैसले से असंतुष्ट होने पर कप्तानों द्वारा थर्ड अंपायर की मदद मांगने की तकनीक को DRS कहा जाता है। इसमें हॉक-आई और अल्ट्राएज की मदद ली जाती है।

उदाहरण (Example):

बल्लेबाज को LBW दिया गया। बल्लेबाज ने DRS लिया। हॉक-आई ने दिखाया कि गेंद स्टंप्स से बाहर जा रही थी, इसलिए फैसला बदल दिया गया।

2. DRS के नियम

  • हर टीम को मैच में सीमित संख्या में DRS लेने का अधिकार होता है।
  • हॉक-आई, अल्ट्राएज और स्निकोमीटर तकनीक का उपयोग किया जाता है।
  • अगर रिव्यू में फैसला गलत पाया जाता है, तो रिव्यू बच जाता है।